श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, मंगलम आनंदा , सांगानेर, जयपुर

परिचय

जिनालय में मूलनायक भगवान नेमिनाथ विराजमान है । भगवान नेमिनाथ अति प्राचीन जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर हैं । नेमिनाथ भगवान की पद्माशन, सफ़ेद पाषाण की प्रतिमा चोहदवी शताब्दी की बताई जाती हैं। इस बात के पुख्ता प्रमाण तो उपलब्ध नहीं हैं पर बुजुर्गो के अनुसार यह रियाशत कालीन, अतिशयकारी एवम् चमत्कारी प्रतिमा अलवर के किसी स्थान से विराट नगर लायी गयी थी । तत्पश्यात आमेर के जैन मंदिर में विराजित रही और वहीं से लाकर बारह गणगौर का रास्ता स्थित चैत्यालय तोतूकान में विराजित की गयी ।

तोतूका परिवार के श्रेष्ठी श्री माली लाल जी पुत्र श्रेष्ठी श्री अभय चंद्र जी की धर्मपत्नी श्रीमती गौरी देवी की इच्छानुसार उनके चारों बेटों श्रेष्ठी श्री चिमन लाल जी, श्रेष्ठी श्री किशन लाल जी, श्रेष्ठी श्री हरीश चंद्र जी एवं श्रेष्ठी श्री ज्ञान चंद्र जी ने सन 1928 में बारह गणगौर के रास्ते में स्थित उनके पैतृक निवास में अस्थाई चैत्यालय स्थापना की एवम् गाजे-बाजे, रथ यात्रा के साथ मूलनायक अतिशयकारी श्री नेमिनाथ भगवान व अन्य प्रतिमाओं के साथ साथ देवी पद्मावती माता की प्रतिमा को विधि विधानानुसार विराजमान किया गया । तत्पश्यात, स्थाई चैत्यालय में नवीन वेदी का निर्माण करवाया गया । फरवरी 1929 में पूर्ण धार्मिक क्रियाओं का पालन करते हुए भव्य वेदी प्रतिष्ठा करवाकर सभी प्रतिमाओं को विधि विधानुसार नवीन वेदी में विराजमान किया गया और नियमित अभिषेक के साथ साथ पूजा पाठ आदि धार्मिक क्रियाये सम्पन्न की जाने लगीं । समय के साथ साथ तोतूका परिवार अलग अलग जगहों पर निवास करने लगा फिर भी अनंत चतुर्दशी व क्षमावाणी जैसे महापर्वो पर प्रत्येक वर्ष पूरा परिवार एकत्रित होकर अभिषेक, पूजा आदि का कार्यक्रम करते रहे हैं । कुछ वर्ष पूर्व परिवार के सभी सदस्यों की चैत्यालय की प्रतिमाओं को मंदिर में स्थापित करने का विचार बना । इसी भावना के साथ सभी परिवारजनों ने अपने प्रयास शुरू किये ।

मंगलम आनन्दा में बन रहे नवीन जिनालय के बारे तोतूका परिवार को ज्ञात होने पर परिवार के सदस्यों ने दिगम्बर समाज, मंगलम आनन्दा के साधर्मी बंधुओ के सामने चैत्यालय तोतूकान में विराजित प्रतिमाओं को यहाँ बन रहे नवीन जिनालय में विराजमान करने का प्रस्ताव रखा जिसको मंगलम आनन्दा दिगम्बर जैन समाज ने सहर्ष स्वीकार कर लिया । इसी क्रम में नवीन जिनालय के निर्माण हेतु दिनांक 29.07.2020 को सकल समाज की उपस्थिति में विधि विधानानुसार नींव का मुहूर्त किया गया , साथ ही दिनांक 30.07.2020 को आवश्यक धार्मिक अनुष्ठान कर चैत्यालय में विराजित सभी प्रतिमाओं को मंगलम आनन्दा में स्थित अस्थायी मंदिर में विराजमान किया गया । इस प्रकार आनन्दा जैन समाज को अतिशयकारी एवम् चमत्कारी नेमिनाथ भगवान का आशीर्वाद मिला और प्रतिदिन अभिषेक, पूजा आदि धार्मिक कार्यक्रम करने का निवासियों को अवसर प्राप्त होने लगा ।

मंगलम आनन्दा दिगम्बर जैन समाज एवम् तोतूका परिवार ने मिलकर भव्य जिनालय का निर्माण करवाया हैं । दिनांक 02 से 04 जुलाई ,2022 तक प्रतिष्ठाचार्य बा.ब. अभय भैया “आदित्य” उपअधिष्ठाता, उदासीन आश्रम, इंदौर (म०प्र०) के सानिंध्य में भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित कर सभी प्रतिमाओं को नवीन जिनालय की नवीन वेदी में विराजमान किया गया । नई प्रतिमाये भी नवीन वेदी में विराजमान की गयी जिनके पञ्च कल्याणक हेतु पूज्य मुनि 108 श्री प्रमाण सागर जी महाराज के सानिंध्य दिनांक 19 जून से 25 जून तक आयोजित पञ्च कल्याणक महोत्सव, धनबाद , झारखण्ड में प्रतिष्ठित करवा कर लाया गया और विधि विधानानुसार शुभ मुहूर्त में विराजमान किया गया ।



प्रबंध कार्यकारिणी



फोटो गैलरी





संपर्क


श्री नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर, मंगलम आनंदा , सांगानेर, जयपुर



( अध्यक्ष )
Phone: 8696934109
Email: padam17362@gmail.com

( मंत्री )
Phone: 8696934086
Email: jainsk1218@gmail.com

( कोषाध्यक्ष )
Phone: 9825220846
Email: pradipjain.bob@gmail.com




आनंदा जैन परिवार



सामाजिक जिम्मेदारी

मंगलम आनन्दा दिगम्बर जैन समाज के द्वारा श्री नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के भूतल में नि:शुक्ल होम्योपैथी औषधालय एवं फिजियोथैरेपी चिकित्सालय ( भौतिक चिकित्सा केंद्र ) का संचालन किया जा रहा है ।

मंगलम आनन्दा दिगम्बर जैन समाज के प्रबुद्ध जनों द्वारा होम्योपैथी औषधालय एवं फिजियोथैरेपी चिकित्सालय ( भौतिक चिकित्सा केंद्र ) का उद्घाटन माह मार्च 2023 मे किया गया । होम्योपैथी औषधालय में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 10 बजे तक चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं जिसमे लगभग 10-11 व्यक्तियों को प्रतिदिन चिकित्सकीय परामर्श के साथ औषधीयां दी जाती हैं । माह दिसंबर 2023 तक लगभग 550 - 600 आमजन द्वारा इस सुविधा का लाभ लिया है । होम्योपैथी औषधालय का प्रत्येक मंगलवार का अवकाश रखा जाता है ।

इसी प्रकार फिजियोथैरेपी चिकित्सालय में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से 12 बजे तक चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं जिसमे लगभग 6 -7 व्यक्तियों को प्रतिदिन चिकित्सकीय परामर्श के साथ स्वास्थ्य वर्धक व्यायाम का अभ्यास कराया जाता है । फिजियोथैरेपी चिकित्सालय का प्रत्येक रविवार का अवकाश रखा जाता है ।

होम्योपैथी औषधालय

फिजियोथैरेपी चिकित्सालय





मंदिर हेतु सहयोग


मंदिर हेतु सहयोग राशि, यथा मंदिर निर्माण , पूजन सामाग्री , औषधालय संचालन आदि हेतु समिति के निम्न बैंक खातों में जमा करवाई जा सकती है। अत: आप सभी श्रेष्ठीगणों से नम्र निवेदन है कि यथा संभव अधिकाधिक राशि न्योछावर कर धर्म लाभ प्राप्त करें। सहयोग राशि जमा करने के पश्चात कोषाध्यक्ष , श्री नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मंगलम आनंदा को ईमेल या व्हाट्स अप के माध्यम से सूचित करे जिससे आपको दान की रसीद भिजवाई जा सके ।

खाता धारक :

Shree Neminath Digamber Jain Mandir Samiti, Manglam Aananda


1. IDFC First Bank, Account no. 10061410592, IFSC code : IDFB0043411

2. AU Small Finance Bank , Account no. 2181221633057261, IFSC code : AUBL0002216

इसके अतिरिक्त यहाँ प्रदर्शित QR कोड को स्कैन करके भी सहयोग राशि जमा कर सकते हैं ।




Disclaimer
Contents Owned & provided by management committee, Shri Neminath digambar jain mandir, Manglam ananda, Sanganer, Jaipur ( Raj). Website Designed, developed and Hosted by Anil Jain.
Visitor Number